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48 हजार करोड़ रुपये का कृषि बिजली बकाया होगा माफ, किसानों को नई बिजली कनेक्शन में मिलेगी राहत: मुख्यमंत्री फडणवीस

2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के बाद किसानों के लिए एक और बड़ी घोषणा, कृषि क्षेत्र में 95 हजार करोड़ रुपये के निवेश का दावा

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार जल्द ही किसानों के पुराने कृषि बिजली बिलों का लगभग 48 हजार करोड़ रुपये का बकाया माफ करेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा करते हुए कहा कि साढ़े सात हॉर्स पावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ किया जा चुका है, लेकिन पुराने बकाया के कारण अनेक किसानों को नए बिजली कनेक्शन लेने में कठिनाई हो रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार बकाया बिजली बिल माफ करने का निर्णय लेगी। यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ के माध्यम से राज्य के 56 लाख किसानों को 36,585 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही, पहले ज्योतिराव फुले किसान कर्जमुक्ति योजना में 50 हजार रुपये का लाभ प्राप्त कर चुके किसानों पर लगी सीमा भी हटा दी गई है, जिससे अब उन्हें 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए 2026-27 में ऋण उठाने और समय पर चुकाने की शर्त भी समाप्त कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार टिकाऊ कृषि के लिए सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार से सीधे जुड़ाव जैसी योजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। इस वर्ष केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 95 हजार करोड़ रुपये का निवेश कृषि क्षेत्र में कर रही हैं, जिसका सीधा लाभ किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक बीज, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार तक पहुंच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कृषि तकनीक तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्पादन लागत कम करने के लिए जीवामृत, प्राकृतिक खेती और इजराइल की फर्टिगेशन तकनीक जैसी आधुनिक प्रणालियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कृषि विश्वविद्यालयों, सहकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र की साझेदारी से नई तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि खेती अधिक लाभकारी बन सके। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले पांच से दस वर्षों में योजनाबद्ध निवेश और जल प्रबंधन के जरिए महाराष्ट्र की खेती आत्मनिर्भर बनेगी। साथ ही, नदी जोड़ परियोजनाओं और जल संरक्षण योजनाओं के माध्यम से राज्य को सूखा मुक्त बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता दी गई है तथा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर कर्जमुक्ती योजना का बजट 36,585 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,585 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बळीराजा मुफ्त बिजली योजना, पीएम किसान, नमो शेतकरी योजना, महिला किसान सम्मान, एआई नीति और कृषि समृद्धि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को व्यापक सहायता दी जा रही है।

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