
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार और अग्रेको इंडिया के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुए सामंजस्य करार (एमओयू) के तहत पुणे में अगले दस वर्षों में लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से करीब एक हजार प्रत्यक्ष रोजगार अवसर भी सृजित होंगे। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुणे अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है और महाराष्ट्र सरकार अग्रेको कंपनी का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कंपनी को उत्कृष्ट औद्योगिक वातावरण और हर आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अन्बलगन, निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे, अग्रेको इंडिया के निदेशक सनी ठकरार, ग्रुप हेड स्टीफन रेआ, मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल खरे सहित कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे। समझौते के अनुसार कंपनी पुणे जिले के फुलगांव क्षेत्र में अत्याधुनिक वैश्विक इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग सेंटर स्थापित करेगी। इस परियोजना का कार्य इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है। यह केंद्र स्कॉटलैंड के बाहर अग्रेको का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक इंजीनियरिंग और उत्पादन केंद्र होगा। राज्य सरकार द्वारा परियोजना के लिए आवश्यक अनुमति, पंजीकरण, मंजूरी, रियायतें तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान किया जाएगा। उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनिकर्म विभागों के माध्यम से परियोजना को गति दी जाएगी। ऊर्जा और तापमान नियंत्रण समाधान क्षेत्र में कार्यरत अग्रेको इंडिया इस परियोजना के जरिए स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करेगी। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही अत्याधुनिक उत्पादन, ऊर्जा उपकरण निर्माण और प्रिसिजन इंजीनियरिंग क्षेत्र में महाराष्ट्र की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी। कंपनी ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए टिकाऊ तकनीकों पर आधारित समाधान विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा राज्य के जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना को समर्थन देने हेतु शाश्वत ऊर्जा एवं तापमान नियंत्रण प्रणालियों के प्रसार में भी सहयोग का आश्वासन दिया गया है।




