
मुंबई। कुरार पुलिस ने कथित तौर पर तेजाब फेंकने और दंगा भड़काने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना कुरार इलाके में हुई, जहां गहनों के कारोबार से जुड़े दो दुकानदारों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदल गया। पुलिस इंस्पेक्टर उमेश पाटिल के अनुसार, इस घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है। राहत की बात यह है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई, क्योंकि इस्तेमाल किया गया तेजाब पानी मिलाकर हल्का किया गया था, जिसका उपयोग आमतौर पर गहनों की पॉलिशिंग के लिए किया जाता है। पुलिस के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। समरबहादुर सिंह (38) की गहनों की पॉलिशिंग की दुकान है, जिसके पास ही मयूर कनौजिया (20) की गहने बनाने की यूनिट है। दोनों के बीच व्यापारिक संबंध थे, लेकिन एक लेन-देन के दौरान 1,000 रुपये को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया गया कि कनौजिया ने गलती से 26,000 रुपये की जगह 27,000 रुपये दे दिए थे। अतिरिक्त राशि वापस मांगने पर सिंह ने 600 रुपये लौटाए और 400 रुपये मजदूरी के नाम पर काट लिए। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद कनौजिया अपने कुछ साथियों के साथ सिंह की दुकान पर पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और फिर हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान समरबहादुर सिंह ने कथित तौर पर पॉलिशिंग में इस्तेमाल होने वाला पानी मिला हुआ तेजाब समूह पर फेंक दिया, जिससे सात लोग झुलस गए। बीच-बचाव करने पहुंचे सिंह के भाई भी इस घटना में घायल हो गए।
घायलों को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दो लोगों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच का इलाज जारी है। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं—एक समरबहादुर सिंह के खिलाफ तेजाब फेंकने के आरोप में, और दूसरा उनकी शिकायत पर कनौजिया और उसके साथियों के खिलाफ दंगा करने के आरोप में। इस मामले में हेमंत राठौर (20) और नितिन धोबी (24) को भी गिरफ्तार किया गया है। कुरार पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।



