
एफडीआई आकर्षित करने, वैश्विक निवेशकों को जोड़ने और पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने किया एमओयू
मुंबई। महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को गति देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), अनिवासी भारतीय एवं राजशिष्टाचार विभाग और जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फेडरेशन (JCAF) के बीच गुरुवार को एक सामंजस्य समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देना, पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करना, ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत करना और वैश्विक निवेशकों से संपर्क बढ़ाना है। राज्य सरकार का मानना है कि इस साझेदारी से महाराष्ट्र के उद्योग, बुनियादी ढांचा और विभिन्न विकास क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी। समझौते के तहत जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फेडरेशन अपने वैश्विक संस्थागत, कॉर्पोरेट, अनिवासी भारतीय (एनआरआई), वित्तीय और शैक्षणिक नेटवर्क का उपयोग करते हुए महाराष्ट्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत की कर व्यवस्था, फेमा (FEMA), कंपनी कानून तथा अन्य कानूनी एवं वित्तीय प्रक्रियाओं से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। एमओयू के तहत महाराष्ट्र सरकार और जेसीएएफ संयुक्त रूप से देश और विदेश में निवेशक गोलमेज सम्मेलन (राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस), कार्यशालाएं तथा वैश्विक निवेशक सम्मेलन आयोजित करेंगे। वहीं राज्य सरकार का एफडीआई विभाग जेसीएएफ के माध्यम से आने वाले निवेशकों को आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग भी उपलब्ध कराएगा, जिससे निवेश प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी बन सके।इस सामंजस्य समझौते पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, अनिवासी भारतीय एवं राजशिष्टाचार विभाग के सचिव डॉ. राजेश गवांदे तथा जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फेडरेशन की ओर से एपेक्स अध्यक्ष सीए शांतिलाल कोचर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उप सचिव क्रांति पाटील, अवर सचिव अविनाश सोलवट, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के सह सचिव एवं रणनीतिक सलाहकार डॉ. संतोष भोसले तथा जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फेडरेशन के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

