
मुंबई। मुंबई के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने एक ही दिन में देश के अब तक के सबसे बड़े सामंजस्य करारों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इंडिया ग्लोबल फोरम 2025 के अंतर्गत जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कुल 4.07 लाख करोड़ रुपये के समझौते किए गए, जिसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, HUDCO के अध्यक्ष संजय कुलक्षेत्र, REC और PFC के अध्यक्ष परमिंदर चोपड़ा, IRFC की निदेशक शेली वर्मा, NaBFID के एमडी राजकीरण राय, मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के सीईओ अभिजीत भट्टाचार्य और उद्योग विभाग के सचिव पी. अनबलगन समेत कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि ये करार मिनीरत्न, महारत्न और नवरत्न कंपनियों के साथ हुए हैं जिनमें REC लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, HUDCO, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन और NaBFID शामिल हैं। इन करारों के माध्यम से मुंबई महानगर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के दौरान पिछले तीन वर्षों में 20 लाख करोड़ रुपये के करार किए गए, जिनमें से इस वर्ष एमएमआरडीए द्वारा किए गए 3.5 लाख करोड़ रुपये के समझौतों को क्रियान्वित भी किया गया है। शिंदे ने भारत के तेजी से उभरते ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब के रूप में स्थान बनाने पर भी जोर दिया और बताया कि पुणे में आज ही एक नया GCC शुरू किया गया है। भारत में कार्यरत 1,500 से अधिक GCC केंद्रों में गूगल, अमेज़न, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं, जिससे देश के कुशल युवाओं को एआई, रोबोटिक्स और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक एमएमआर क्षेत्र को 300 बिलियन डॉलर की जीडीपी तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसके लिए 135 बिलियन डॉलर के निवेश और लगभग 30 लाख रोजगार की आवश्यकता है। सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है, और महाराष्ट्र अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और मजबूत प्रशासन के साथ एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर निर्माण, हेल्थटेक, एडटेक और एआई जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। अंत में उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनके नेतृत्व और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि महाराष्ट्र भविष्य की सभी निवेश संभावनाओं के लिए तैयार और आकर्षक राज्य है।




