
पांच गांवों के परियोजना प्रभावित परिवारों को मिलेगा लाभ, पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा होगी राशि
मुंबई। सिंधुदुर्ग जिले के कणकवली तालुका स्थित नरडवे मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित पांच गांवों के 152 परिवारों को स्वैच्छिक पुनर्वास के लिए कुल 6 करोड़ 83 लाख 1 हजार 887 रुपये की सहायता मंजूर की गई है। राहत एवं पुनर्वास विभाग ने इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया है। गुरुवार को राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटील ने बताया कि सिंधुदुर्ग के पालकमंत्री तथा मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने इस मामले में विशेष रूप से पहल और लगातार प्रयास किए थे। नरडवे मध्यम सिंचाई परियोजना से नरडवे, जांभलगांव, भैरवगांव, यवतेश्वर और दुगनगर सहित पांच गांव प्रभावित हुए हैं। परियोजना से प्रभावित कुल 961 परिवारों में से 152 परिवारों ने स्वैच्छिक पुनर्वास का विकल्प चुना है। मंजूर की गई सहायता राशि में मकानों के लिए 6 करोड़ 55 लाख 15 हजार 720 रुपये और जमीन के लिए 27 लाख 86 हजार 167 रुपये शामिल हैं। इस निर्णय का लाभ नरडवे के 84, जांभलगांव के 16, भैरवगांव के 2, यवतेश्वर के 4 और दुगनगर के 46 परिवारों को मिलेगा। मंजूर अनुदान की राशि सिंधुदुर्ग जिलाधिकारी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से परियोजना प्रभावित परिवारों की पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी आएगी और नरडवे मध्यम सिंचाई परियोजना के काम को भी निर्धारित योजना के अनुसार पूरा करने में मदद मिलेगी। राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटील ने कहा कि परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावितों को समय पर सहायता और न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से 152 परिवारों को बड़ी राहत मिलने के साथ उनकी पुनर्वास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।

