
जैव प्रौद्योगिकी में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और अनुसंधान सहयोग को मिलेगी नई गति: मंत्री जयकुमार रावल
मुंबई। महाराष्ट्र और ऑस्ट्रेलिया के बीच जैव प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है। महाराष्ट्र के प्रोटोकॉल एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने ‘महाराष्ट्र-ऑस्ट्रेलिया बायोमैन्युफैक्चरिंग टास्क फोर्स’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई जैवउत्पादन कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई के सह्याद्री अतिथि गृह में मंत्री जयकुमार रावल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए महाराष्ट्र के जैवउत्पादन क्षेत्र में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। रावल ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में महाराष्ट्र और ऑस्ट्रेलिया के बीच परस्पर पूरक साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं। दोनों पक्षों के बीच इस भागीदारी को नई गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को इन संभावनाओं को वास्तविक परियोजनाओं, रोजगार सृजन और साझा समृद्धि में बदलने के लिए ‘महाराष्ट्र-ऑस्ट्रेलिया बायोमैन्युफैक्चरिंग टास्क फोर्स’ स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की क्षेत्रीय निदेशक प्रीति चौधरी, उद्योग विकास आयुक्त कादंबरी बलकवडे, मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी राजेश गवांदे, मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के उप महावाणिज्यदूत क्रिश्चियन जैक, ईडन ब्रू कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉब ब्राउन, न्यूवेरा बायो की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लूसी सेमेनेक, हाइजीन रिन्यूएबल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लुईस ब्राउन सहित ऑस्ट्रेलिया के जीन टेक्नोलॉजी नियामक कार्यालय की मिशेल वूस्टर और ऑस्ट्रेलिया के खाद्य मानक कार्यालय की गायत्री सुब्रमण्यम उपस्थित थीं।

