
103 कामगारों ने पूरा किया विशेष प्रशिक्षण, चरणबद्ध तरीके से भेजे जाएंगे बाकी श्रमिक
मुंबई। महाराष्ट्र के कुशल निर्माण श्रमिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार का रास्ता खुल गया है। इजरायल में रोजगार के लिए चयनित महाराष्ट्र के 103 निर्माण श्रमिकों में से 60 श्रमिकों का पहला दल 3 सितंबर को मुंबई से इजरायल के लिए रवाना होगा। शेष श्रमिकों को आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से भेजा जाएगा। इन श्रमिकों को इजरायल में प्रतिमाह करीब दो लाख रुपये वेतन के साथ चिकित्सा सुविधाएं और सरकारी स्तर पर सुरक्षित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। बुधवार को मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में ‘महाराष्ट्र की कौशल शक्ति अब दुनिया भर में’ कार्यक्रम के तहत इजरायल जाने वाले श्रमिकों के लिए प्रस्थान-पूर्व मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने श्रमिकों से संवाद किया और उन्हें यात्रा संबंधी दस्तावेज, आवश्यक जानकारी, वीजा और हवाई टिकट प्रदान किए। लोढा ने कहा कि इजरायल में रोजगार के लिए जा रहे युवाओं को कड़ी मेहनत कर अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र और देश का नाम रोशन करना चाहिए। विदेश में रहते हुए भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हुए अनुशासन, ईमानदारी और व्यावसायिकता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। यह उपक्रम कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग, व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल, महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्रा), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और एनएसडीसी इंटरनेशनल के समन्वय से चलाया जा रहा है। सरकार के अनुसार इजरायल में निर्माण क्षेत्र के कुशल श्रमिकों की मांग को देखते हुए प्लास्टरिंग, सिरेमिक टाइलिंग, बिल्डिंग फ्रेमवर्क और आयरन बेंडिंग जैसे चार ट्रेड के श्रमिकों का चयन किया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में पंजीकृत करीब चार लाख श्रमिकों की छंटनी की गई। राज्य की 12 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) के माध्यम से ओपन कैंपस भर्ती की गई और तीन लाख से अधिक श्रमिकों से फोन एवं एसएमएस के जरिए संपर्क किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 997 उम्मीदवारों का चयन किया गया। मेडिकल जांच, पुलिस सत्यापन और इजरायली नाम सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 783 उम्मीदवारों को अंतिम मंजूरी मिली है। इन सभी को चरणबद्ध तरीके से इजरायल भेजने की योजना है। इजरायली प्रशिक्षकों ने 22 से 25 जुलाई 2026 के बीच ‘ट्रेन द ट्रेनर’ कार्यक्रम आयोजित किया था। इसके बाद 103 चयनित श्रमिकों ने इजरायली मानकों के अनुरूप रिफ्रेशर प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें से 60 श्रमिकों का पहला दल 3 सितंबर को मुंबई से रवाना होगा। ये श्रमिक इजरायल के तेल अवीव में काम करेंगे। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने वीडियो संदेश के माध्यम से चयनित श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि इजरायल में कुशल निर्माण श्रमिकों की बड़ी मांग ने भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोले हैं। उन्होंने बताया कि एनएसडीसी, इजरायल के जनसंख्या एवं आव्रजन प्राधिकरण और विभिन्न राज्य सरकारों के सहयोग से अब तक 6,700 से अधिक भारतीय श्रमिकों को इजरायल भेजा जा चुका है। मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने इस दौरान यह भी बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय रोजगार महाकुंभ के तहत 29 सितंबर को महाराष्ट्र में एक हजार स्थानों पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार एवं ‘मित्रा’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के आयुक्त अमित सैनी, सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमन मित्तल, एनएसडीसी एवं एनएसडीसी इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

