
चार महिलाओं के खिलाफ कुल 22 मामले दर्ज, नवी मुंबई पुलिस ने नशा तस्करों पर कसा शिकंजा
इंद्र यादव/नवी मुंबई। नवी मुंबई में नशे का कारोबार करने वालों पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसना शुरू किया है कि वर्षों से जमे कथित ड्रग नेटवर्क की जमीन खिसकती नजर आ रही है। दिघा इलाके में पिछले सात-आठ वर्षों से मादक पदार्थों की बिक्री में कथित रूप से सक्रिय चार महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इनमें किसी पर मकोका लगाया गया है, किसी को जेल भेजा गया है तो किसी को महाराष्ट्र से तड़ीपार किया गया है। इन चारों महिलाओं के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल 22 मामले दर्ज बताए गए हैं।इस सूची में पहला नाम शांताबाई करंदेकर का है, जिनके खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को देखते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। फिलहाल वह बायकुल्ला जेल में बंद हैं। दूसरा नाम सीताबाई इंगले का है, जिनके खिलाफ छह मामले दर्ज बताए गए हैं। तुरभे पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी बायकुल्ला जेल भेजा गया है।तीसरा नाम रानी जोसेफ का है। उनके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं और 25 अगस्त को खंडेश्वर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। चौथा नाम लाली गनी शेख का है, जिनके खिलाफ छह मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक अदालत के आदेश के बाद उन्हें महाराष्ट्र से बाहर तड़ीपार किया गया है। इस तरह चारों महिलाओं के खिलाफ कुल 22 मामले दर्ज हैं और पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य आदतन अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी जारी है।नवी मुंबई पुलिस ने जनवरी 2025 से ‘नशामुक्त नवी मुंबई’ अभियान के तहत मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रखी है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 2,919 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करीब 1,027 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 142 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले 1,822 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि करीब 300 आदतन अपराधियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई है।पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे के निर्देश पर प्रत्येक पुलिस थाने में एंटी-नार्कोटिक्स सेल गठित किए गए हैं। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन गरुड़’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे विशेष अभियानों के जरिए नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन अभियानों के दौरान विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।पुलिस की इस कार्रवाई का संदेश साफ है—नशे का कारोबार करने वाला चाहे महिला हो या पुरुष, आदतन अपराधियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसेगा। वर्षों से नशे के कारोबार में सक्रिय बताए जा रहे नेटवर्क पर मकोका, गिरफ्तारी और तड़ीपार जैसी कार्रवाई के बाद अब पुलिस की नजर इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों पर है। यानी नवी मुंबई में नशे का कारोबार करने वालों के लिए पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है—धंधा बंद करो, वरना अगला ठिकाना जेल हो सकता है।

