
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने महाराष्ट्र और जर्मनी के हैसेन राज्य के बीच आर्थिक, तकनीकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई–फ्रैंकफर्ट और महाराष्ट्र–हैसेन की मजबूत साझेदारी उद्योग, निवेश, अनुसंधान और वैश्विक व्यापार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। शुक्रवार को राज्यपाल मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में पारटेक्स एआई द्वारा आयोजित ‘महाराष्ट्र–हैसेन आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी संवाद’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जर्मनी के हैसेन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष (मुख्यमंत्री) बोरीस ऱ्हेइन भी मौजूद रहे।
मुंबई और फ्रैंकफर्ट की साझेदारी होगी लाभदायक
राज्यपाल ने कहा कि फ्रैंकफर्ट जर्मनी और यूरोप का प्रमुख वित्तीय केंद्र है, जबकि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच सहयोग से वित्त, निवेश और वैश्विक व्यापार को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है, जिसका राष्ट्रीय आय में 13.5 प्रतिशत, औद्योगिक उत्पादन में 15.5 प्रतिशत और कुल निर्यात में लगभग 15 प्रतिशत योगदान है। वर्ष 2000 से 2025 के बीच भारत में आए कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग 31 प्रतिशत महाराष्ट्र में आया।
ऑटोमोबाइल, फार्मा और एआई में सहयोग की अपार संभावनाएं
राज्यपाल ने कहा कि महाराष्ट्र में भारत के लगभग 23 प्रतिशत मोटर वाहनों का उत्पादन होता है और यहां मर्सिडीज-बेंज, फॉक्सवैगन, कॉन्टिनेंटल और बॉश जैसी वैश्विक कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने फार्मास्युटिकल, जैव-प्रौद्योगिकी, चिकित्सा उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी दोनों राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में एआई को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
यूपीआई क्रांति की हुई सराहना
हैसेन के मंत्री-अध्यक्ष बोरीस ऱ्हेइन ने भारत में यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान व्यवस्था में आई क्रांति की सराहना की। उन्होंने बताया कि हैसेन में लगभग 40 हजार भारतीय रहते हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम में पारटेक्स एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव त्रिपाठी तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और हैसेन के मंत्री-अध्यक्ष बोरीस ऱ्हेइन ने एनएसई का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

