HomeHealth & Fitnessमहाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग में बड़ा सुधार, सभी कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग होगी...

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग में बड़ा सुधार, सभी कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग होगी अनिवार्य

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नया प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) नीति लागू की है। शुक्रवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने बताया कि इस नई नीति का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले मानव संसाधन के ज्ञान, कौशल और कार्यशैली को बेहतर बनाना है। हाल ही में विभाग की नई प्रशिक्षण नीति जारी की गई है, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता विकास को नई गति मिलेगी। नई नीति के तहत स्वास्थ्य विभाग के सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। राज्य की सभी प्रशिक्षण संस्थाओं को तकनीकी और प्रशासनिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण संचालनालय, नागपुर के अधीन लाया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी और एकरूप बन सके। सरकार ने प्रशिक्षण को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया न मानते हुए मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण निवेश का दर्जा दिया है। राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान (SIHFW), नागपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्था बनाया गया है। इसके अलावा संभाग, जिला और तालुका स्तर पर प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार नए प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
पदोन्नति के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य
नई भर्ती होने वाले कर्मचारियों को नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर प्रारंभिक प्रशिक्षण पूरा करना होगा। पदोन्नति के बाद भी संबंधित प्रशिक्षण लेना अनिवार्य रहेगा। चार से छह वर्ष की सेवा के बाद रिफ्रेशर कोर्स तथा दस वर्ष की सेवा के बाद वरिष्ठ स्तर का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह व्यवस्था नियमित और संविदा दोनों प्रकार के कर्मचारियों पर लागू होगी। बिना अनुमति प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
28 दिन की स्किल लैब ट्रेनिंग
स्वास्थ्य कर्मियों को व्यावहारिक दक्षता प्रदान करने के लिए 28 दिवसीय आवासीय स्किल लैब प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसमें 20 दिन कौशल प्रयोगशाला में प्रशिक्षण और 8 दिन जिला अस्पताल में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाओं और स्वास्थ्य सेविकाओं के प्रशिक्षण में भी राज्य और जिला स्तर के प्रशिक्षकों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
पांच वर्षीय प्रशिक्षण योजना
प्रत्येक पद की आवश्यकता के अनुसार पांच वर्ष का प्रशिक्षण रोडमैप और वार्षिक प्रशिक्षण योजना तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को कर्मचारियों के वास्तविक कार्य से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए आवश्यक बजट सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्षम, कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन बेहद जरूरी है। यह नई प्रशिक्षण नीति स्वास्थ्य विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ राज्य के नागरिकों को बेहतर और अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments