
मुंबई। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार, समय पर प्रसव पूर्व जांच तथा बच्चों के टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) संचालित की जा रही है। योजना के तहत पहली संतान के लिए ₹5,000 तथा दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2026-27 में अब तक मुंबई शहर जिले में 4,676 और मुंबई उपनगर जिले में 16,708 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र गर्भवती महिला को अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या उप-स्वास्थ्य केंद्र में गर्भावस्था का पंजीकरण कराना होगा तथा निर्धारित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्रसव पूर्व जांच के लिए प्रोत्साहित करना, नवजात शिशुओं के समयबद्ध टीकाकरण को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पहली संतान के लिए कुल ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त ₹3,000 गर्भावस्था का पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज जमा करने और कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच पूरी होने के बाद दी जाती है। दूसरी किस्त ₹2,000 बच्चे के जन्म का पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण पूरा होने के बाद जारी की जाती है। यदि दूसरी संतान बेटी होती है तो उसके जन्म पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण के बाद पात्र महिला को ₹6,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी का स्वयं का बैंक खाता होना आवश्यक है, जो डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्रिय हो तथा एनपीसीआई से जुड़ा हो। आवेदन के साथ माता एवं शिशु संरक्षण कार्ड, आधार कार्ड और पात्रता संबंधी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाणपत्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, बीपीएल राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ई-श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि लाभार्थी पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड या परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होने का आय प्रमाणपत्र शामिल हो सकता है। यदि लाभार्थी महिला आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका या आशा कार्यकर्ता है, तो उससे संबंधित प्रमाणपत्र भी आवश्यक होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुंबई शहर जिले के 5,556 लाभार्थियों को ₹2.10 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की गई थी। वहीं, 2026-27 में अब तक 4,676 महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। मुंबई उपनगर जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 7,934 लाभार्थियों को ₹2.90 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई, जबकि 2026-27 में अब तक 16,708 महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पात्र गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आंगनवाड़ी सेविका से संपर्क कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में समय पर पंजीकरण कराएं और योजना का लाभ उठाएं।

