
इंद्र यादव/पालघर। पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में दो 17 वर्षीय किशोरों को हिरासत में लिया गया है। घटना जुलाई माह में हुई थी, लेकिन आरोपियों द्वारा पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के बाद मामला उजागर हुआ। घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।पुलिस के अनुसार, नालासोपारा पूर्व निवासी 14 वर्षीय किशोरी की कुछ समय पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से एक 17 वर्षीय किशोर से दोस्ती हुई थी। 11 जुलाई की दोपहर आरोपी ने जरूरी काम का बहाना बनाकर उसे मिलने के लिए बुलाया। विश्वास में लेकर वह किशोरी को पास की एक इमारत के बंद कमरे में ले गया, जहां उसका दूसरा 17 वर्षीय साथी पहले से मौजूद था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।घटना के बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने और पीड़िता के भाई की हत्या करने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया। भय और मानसिक दबाव के कारण किशोरी लगभग एक महीने तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। 15 अगस्त को जब आरोपियों ने कथित तौर पर वही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, तब परिवार को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने तुरंत तुलिंज पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(2), 65(1), 351(2) और 351(3), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66E(बी) तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 4, 6, 8 और 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक अमर मराठे ने बताया कि दोनों आरोपियों को बाल न्यायालय, भिवंडी के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वायरल वीडियो को किन-किन माध्यमों से प्रसारित किया गया।यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

