
मुंबई। महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के मुंबई मंडल के अंतर्गत आने वाली कैंटीन सोमवार से अचानक बंद हो गई। कैंटीन बंद होने से म्हाडा के कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यालय में आने वाले लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। कैंटीन संचालक श्री अन्नपूर्णेश्वरी कैटर्स की ओर से कैंटीन के बाहर सूचना फलक लगाया गया है। इसमें बताया गया है कि म्हाडा और कैंटीन संचालक के बीच हुआ करारनामा समाप्त हो गया है, जिसके चलते कैंटीन बंद की जा रही है। सूचना में कर्मचारियों और लोगों को होने वाली असुविधा के लिए क्षमा भी मांगी गई है। हालांकि, बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कैंटीन बंद होने से म्हाडा की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कैंटीन बंद होने से करीब 1,000 म्हाडा कर्मचारियों और प्रतिदिन आने वाले लगभग 2,000 आगंतुकों के सामने परेशानी बढ़ गई है।इस संबंध में म्हाडा की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वैशाली गडपाले ने बताया कि करारनामा समाप्त होने के कारण कैंटीन बंद हुई है और नई निविदा प्रक्रिया जारी है।वहीं, मुंबई मंडल के कार्यकारी अभियंता (प्रनिस) ने बताया कि कैंटीन के लिए निविदा मंगाई गई है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कैंटीन संचालक को समय-सीमा बढ़ाकर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अचानक कैंटीन बंद कर दी।कार्यकारी अभियंता के अनुसार, आने वाले करीब 10 दिनों में कैंटीन दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, कैंटीन के एक कर्मचारी का कहना है कि कैंटीन बंद करने की जानकारी म्हाडा को पहले ही पत्र के माध्यम से दी गई थी। बता दे कि म्हाडा उपहार गृह समिति के अध्यक्ष मुंबई मंडल के मुख्य अधिकारी हैं। अब सवाल यह है कि यदि करारनामा समाप्त होने की जानकारी पहले से थी और नई निविदा प्रक्रिया चल रही थी, तो कैंटीन बंद होने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? अचानक कैंटीन बंद होने से कर्मचारियों और रोजाना आने वाले हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

