
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के पात्र किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्जमुक्ति योजना’ के तहत पहले चरण की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री अतिथिगृह से ऑनलाइन माध्यम से 6.22 लाख पात्र किसानों के ऋण खातों में 5,028 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे, राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, सहकार विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे तथा सहकार आयुक्त दीपक तावरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी पालकमंत्री, जिलाधिकारी और सहकारी संस्थाओं के निबंधक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पहले चरण में आधार प्रमाणीकरण पूरा करने वाले 6.22 लाख किसानों को योजना का लाभ दिया गया है। राज्य सरकार ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि कर्जमाफी का लाभ पाने वाले पात्र किसानों को तत्काल खरीफ फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें खेती के लिए दोबारा आर्थिक सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है तथा किसानों को किसी प्रकार का आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। पात्र लाभार्थियों की सूची संबंधित बैंकों ने महाआयटी द्वारा विकसित पोर्टल पर अपलोड कर दी है। यह सूची ग्राम पंचायत कार्यालयों, सेवा सहकारी संस्थाओं और बैंक शाखाओं में भी उपलब्ध है। किसानों को केवल अपने विशिष्ट क्रमांक के साथ ‘आपले सरकार सेवा केंद्र’ पर जाकर एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण और आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन जिलों में किसानों की कोई समस्या या लंबित मामला है, वहां के पालकमंत्री उसे सरकार के संज्ञान में लाएं। ऐसे सभी मामलों पर मंत्रिमंडल की उपसमिति में विस्तार से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। सहकार विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे ने जानकारी दी कि योजना के क्रियान्वयन के लिए 30 जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक, 12 राष्ट्रीयकृत बैंक और अन्य निजी बैंकों सहित कुल 53 बैंकों ने महाआयटी पोर्टल पर किसानों के ऋण खातों का डेटा अपलोड किया है। पोर्टल पर लगभग 32 लाख ऋण खातों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जबकि 6 अगस्त 2026 तक 12.10 लाख ऋण खातों का आधार प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है।
पहले चरण में विभागवार लाभ
अमरावती विभाग: 1,58,146 किसानों को ₹1,372.17 करोड़
नाशिक विभाग: 1,40,089 किसानों को ₹1,209.39 करोड़
छत्रपति संभाजीनगर विभाग: 1,30,934 किसानों को ₹932.61 करोड़
पुणे विभाग: 1,04,061 किसानों को ₹860.97 करोड़
नागपुर विभाग: 70,290 किसानों को ₹544.71 करोड़
कोंकण विभाग: 18,687 किसानों को ₹108.86 करोड़
राज्य सरकार का कहना है कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्जमुक्ति योजना का उद्देश्य किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्त कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, खेती को समृद्ध करना और महाराष्ट्र के कृषि विकास को नई गति देना है।


