
मुंबई। मुंबई के एमएचबी पुलिस स्टेशन ने फ्लैट बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में त्रिवेणी डेवलपर्स के निदेशक मिहिर अशोक जेठवा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक निजी कंपनी के आईटी मैनेजर से ₹43.30 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप है। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मिहिर जेठवा आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में फ्लैट बुकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। उसके पिता अशोक जेठवा, जो त्रिवेणी डेवलपर्स के मालिक हैं, उन्हें भी इसी तरह के कई मामलों में पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता केविन परेरा, जो बोरीवली निवासी हैं और एक प्रतिष्ठित स्टॉक ब्रोकरेज कंपनी में आईटी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, वर्ष 2015 में निवेश के उद्देश्य से 2BHK फ्लैट की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान एक मित्र के माध्यम से उन्हें बोरीवली स्थित त्रिवेणी डेवलपर्स की निर्माणाधीन आवासीय परियोजना की जानकारी मिली। इसके बाद उनकी मुलाकात कंपनी के कार्यालय में मिहिर जेठवा से हुई, जिसने उन्हें आईसी कॉलोनी स्थित कावेरी (त्रिवेणी ईडन) प्रोजेक्ट में पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-503 को ₹1.38 करोड़ में बेचने का प्रस्ताव दिया और बुकिंग के लिए अग्रिम भुगतान करने को कहा।
जनवरी 2015 से जून 2016 के बीच शिकायतकर्ता ने किश्तों में ₹53.51 लाख त्रिवेणी डेवलपर्स के खाते में जमा किए। इसके बाद उन्हें फ्लैट का अलॉटमेंट लेटर भी जारी किया गया। हालांकि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि परियोजना में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और समय पर निर्माण पूरा होने की संभावना भी नहीं है। इसके चलते उन्होंने फ्लैट की बुकिंग रद्द कर धनवापसी की मांग की। पुलिस के मुताबिक मिहिर जेठवा ने पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन फरवरी 2018 से 23 नवंबर 2024 के बीच शिकायतकर्ता को केवल ₹10.21 लाख ही वापस किए गए। शेष ₹43.30 लाख वापस नहीं लौटाए गए। बार-बार संपर्क करने के बावजूद आरोपी ने जवाब देना बंद कर दिया और अंततः अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि मिहिर जेठवा और उसके पिता अशोक जेठवा ने कई लोगों से फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन उन्हें कब्जा नहीं दिया। दोनों के खिलाफ उत्तर मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को मुंबई पुलिस की विशेष टीम ने 17 दिसंबर 2025 को केरल से गिरफ्तार किया था, जहां वे कई मामलों में वांछित थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद केविन परेरा ने एमएचबी पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने मिहिर जेठवा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी का शिकार और कितने खरीदार हुए हैं तथा मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

