
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (FDA) ने ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। अभियान के तहत मुंबई, नवी मुंबई और आईआईटी बॉम्बे (पवई) परिसर में कई प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि नवी मुंबई स्थित ‘पंजाब ग्रिल’ का फूड लाइसेंस गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के भंडारण, लाइसेंसिंग नियमों के पालन तथा आवश्यक अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के दौरान प्रभादेवी और बांद्रा स्थित कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट तथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रूल्स के शेड्यूल-4 के गंभीर उल्लंघन पाए गए। इसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल अपना संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में गोवंडी में महिलाओं द्वारा संचालित एक होम-बेस्ड फूड बिजनेस बिना आवश्यक फूड लाइसेंस के संचालित पाया गया, जिसे भी तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया। शिकायतों के आधार पर एफडीए ने आईआईटी बॉम्बे, पवई के हॉस्टल मेस का भी निरीक्षण किया। जांच में हॉस्टल नंबर-1 और हॉस्टल नंबर-3 की मेस बिना वैध फूड बिजनेस लाइसेंस या पंजीकरण के संचालित होती मिलीं, जिसके बाद दोनों मेस को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया। वहीं हॉस्टल नंबर-12, 13 और 14 में भोजन उपलब्ध कराने वाली अन्नपूर्णा कैटरिंग सर्विसेज़ के पास वैध राज्य स्तरीय लाइसेंस मिला, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आईं। इसके चलते एफडीए ने संचालक को सुधार नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। एफडीए के ठाणे मंडल द्वारा नवी मुंबई स्थित पंजाब ग्रिल के निरीक्षण में रसोईघर में कॉकरोच, गंदगी, जलभराव तथा आवश्यक रिकॉर्ड का अभाव जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रतिष्ठान को पहले सुधार का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर नहीं किए जाने पर विभाग ने उसका फूड बिजनेस लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एफडीए ने सभी फूड बिजनेस संचालकों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा कानूनों का पूर्ण पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें तथा संचालन शुरू करने से पहले आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

