
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। मगरवारा स्थित श्री गोकुल बाबा मंदिर प्रांगण में श्री आदि गुरु वैदिक सेवा सनातन ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही विशाल श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन लोकविख्यात कथा प्रवक्ता परम पूज्य एवं परम विद्वान शैवाचार्य संत श्री प्रशांत प्रभु महाराज ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ और माता सती के महात्याग का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। महाराजश्री ने बताया कि अहंकार में डूबे दक्ष प्रजापति ने भव्य यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया। पिता के यज्ञ में पहुंचीं माता सती ने जब अपने आराध्य भगवान शिव का अपमान देखा, तो उनका हृदय व्यथित हो उठा। शिवजी का अपमान सहन न कर सकीं माता सती ने योगाग्नि में अपना शरीर त्याग दिया। माता सती के महात्याग का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के माध्यम से संदेश दिया गया कि अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है, जबकि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण ही सच्ची भक्ति है। वहीं श्री शिव महापुराण कथा के साथ आयोजित महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ति एवं लोककल्याण की कामना से विधि-विधानपूर्वक आहुतियां अर्पित कीं। लगातार उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था से पूरा श्री गोकुल बाबा मंदिर प्रांगण शिवमय नजर आया। कथा एवं महायज्ञ में मुख्य यजमान श्रीमती वंदना सत्येंद्र सिंह एवं श्रीमती संतोष हरिप्रसाद साहू, कथा यजमान श्रीमती राधा निशीथ निगम उर्फ राजू भैया, श्रीमती सोनम धीरज सिंह एवं श्रीमती प्रिया विक्रम सिंह, कथा अध्यक्ष संजय त्रिपाठी व श्रीमती नीलम त्रिपाठी, महामंत्री अजय अवस्थी, संयोजक रंजना मिश्रा (लखनऊ), चन्द्र प्रकाश बाजपेई, देवी प्रसाद साहू, संपर्क प्रमुख डॉ. मनीष सिंह सेंगर, मीडिया प्रभारी श्याम जी गुप्ता, कल्लू दादा, मनीष सिंह, आयुष सिंह, राहुल कश्यप, आचार्य कार्तिकेय एवं आचार्य सत्यम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

