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E20 ईंधन नीति के विरोध में यूथ कांग्रेस का नागपुर में विरोध प्रदर्शन

हिरासत में लिए गए नितिन गडकरी के आवास की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ता

नागपुर। केंद्र सरकार की E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के विरोध में सोमवार को नागपुर में इंडियन यूथ कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास की ओर मार्च कर रहे कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शिवराज मोरे के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी पहले देवड़िया कांग्रेस भवन में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने गडकरी के आवास की ओर मार्च शुरू किया। यूथ कांग्रेस ने पहले ही घोषणा की थी कि वह E20 ईंधन नीति के खिलाफ अपने अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री के आवास का घेराव करेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए E20 नीति को वापस लेने की मांग की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर महल क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को गडकरी के आवास तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई यूथ कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन दिल्ली में हुए इसी प्रकार के आंदोलनों के बाद महाराष्ट्र में E20 नीति के विरोध का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में ला दिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद यूथ कांग्रेस नेता मेहुल आडवाणी ने केंद्र सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि E20 ईंधन नीति जनता की चिंताओं को दूर किए बिना लोगों पर थोपी जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जनता पर थोपी जा रही E20 नीति की निंदा करते हैं। हमारा आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।” विपक्ष का आरोप है कि E20 नीति पुराने वाहनों के मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है, क्योंकि ऐसे कई वाहन इस ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। विपक्षी दलों ने सरकार से नीति लागू करने से पहले व्यापक जनसंवाद और तकनीकी तैयारियों की समीक्षा करने की मांग की है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगातार इथेनॉल मिश्रित ईंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का समर्थन करते रहे हैं। उनका कहना है कि इससे भारत की आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। हालांकि, नागपुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि E20 नीति को लेकर राजनीतिक मतभेद तेज होते जा रहे हैं। दिल्ली से शुरू हुआ यह विरोध अब अन्य राज्यों तक फैल चुका है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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