
भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। घटना गुरुवार देर रात भिवंडी के बालाजी नगर स्थित गंगारामवाड़ी इलाके में हुई, जहां चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में अभी भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव एवं तलाशी अभियान जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने नगर आयुक्त को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। अधिकारियों के अनुसार, भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका ने कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था और इमारत की स्थिति को लेकर नोटिस भी जारी किए गए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान रात करीब 11:30 बजे इमारत का हिस्सा अचानक गिर गया।
हादसे के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन घटनास्थल तक जाने वाली सड़क संकरी होने के कारण शुरुआत में भारी मशीनरी पहुंचाने में परेशानी हुई। बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल (TDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया। बचावकर्मियों और मशीनरी के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से गिरी हुई इमारत के पास स्थित एक पुरानी चॉल को जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया गया। दमकल विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारत गिरने से ठीक पहले कई परिवार बाहर निकलने में सफल रहे। अरविंद गुप्ता और उनकी पत्नी समय रहते बाहर निकल गए, जबकि उनकी बेटी कोमल कुछ समय के लिए मलबे में फंस गई थी। बाद में वह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रही। कोमल ने बताया कि हादसे के समय इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। आपदा प्रतिक्रिया दलों के पहुंचने से पहले स्थानीय युवाओं ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे कई निवासियों को बाहर निकालने में मदद की और शुरुआती बचाव अभियान के दौरान दो लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की। इस बीच, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि NDRF, दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चला रही हैं।

