
नवी मुंबई। सिडको ने अपनी अधिसूचित भूमि पर अवैध रूप से निर्माण मलबा फेंकने के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 डंपर चालकों और एक पोकलेन मशीन ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। यह कार्रवाई पनवेल के कुंडेवहल क्षेत्र में संयुक्त अभियान के दौरान की गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान डंपर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गए, जबकि पोकलेन मशीन को जब्त कर पनवेल सिटी पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह संयुक्त अभियान गुरुवार को सिडको के इंजीनियरिंग विभाग, सतर्कता विभाग, सुरक्षा विंग तथा पनवेल सिटी पुलिस की टीम ने चलाया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई सिडको के मुख्य सतर्कता अधिकारी सुरेश मेंगडे को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक निर्माण मलबा अवैध रूप से फेंके जाने की जानकारी मिली थी। छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि 17 डंपर निर्माण मलबा खाली कर रहे थे, जबकि एक पोकलेन मशीन उस मलबे को सिडको की अधिसूचित भूमि पर फैला रही थी। अधिकारियों ने जब चालकों से पूछताछ का प्रयास किया तो उन्होंने कथित रूप से कार्रवाई में बाधा डाली और अपने-अपने डंपर लेकर मौके से फरार हो गए। वहीं पोकलेन ऑपरेटर मशीन छोड़कर भाग निकला। सिडको की शिकायत पर पनवेल सिटी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 271, 221, 352, 351(2) और 126(2) के तहत 17 अज्ञात डंपर चालकों और एक पोकलेन ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। सिडको के मुख्य सतर्कता अधिकारी सुरेश मेंगडे ने कहा कि संस्था ने अपनी भूमि पर अवैध रूप से मलबा फेंकने के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सिडको ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उसकी भूमि पर अवैध रूप से मलबा डाला जा रहा हो तो इसकी सूचना तत्काल सिडको या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

