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पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्जमुक्ति योजना: पुणे के 61,900 किसानों को मिलेगा 523 करोड़ रुपये की कर्जमाफी का लाभ

24 जुलाई को जारी होगी पात्र किसानों की सूची, राज्य के 56 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना-2026’ के तहत पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक से जुड़े 61,900 पात्र किसानों को 523 करोड़ रुपये की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। यह जानकारी राज्य के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने गुरुवार को दी। सहकार मंत्री ने बताया कि 24 जुलाई को पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के उन पात्र किसानों की सूची प्रकाशित की जाएगी, जिन पर दो लाख रुपये तक का बकाया कृषि ऋण है। इसी के साथ राज्य के अन्य जिलों के पात्र किसानों की सूची भी चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से महाराष्ट्र के लगभग 56 लाख पात्र किसानों को कर्जमुक्ति योजना का लाभ मिलेगा। पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने पात्र लाभार्थियों की सूची महाआईटी द्वारा विकसित योजना पोर्टल पर अपलोड कर दी है, जिसकी जांच प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। पात्र किसानों को आधार प्रमाणीकरण (आधार ऑथेंटिकेशन) के लिए उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा। इसके अलावा लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत कार्यालयों, विभिन्न कार्यकारी सेवा सहकारी संस्थाओं तथा संबंधित बैंक शाखाओं में भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि किसान आसानी से अपना नाम देख सकें।
आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य
योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक आईडी) दी जाएगी। किसान आधार नंबर या इस विशिष्ट नंबर के माध्यम से अपना आधार प्रमाणीकरण करा सकेंगे। इसके लिए राज्यभर के लगभग 32 हजार ‘आपले सरकार सेवा केंद्रों’ पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने उन किसानों से भी अपील की है जिन्होंने अभी तक एग्रीस्टैक (AgriStack) पर पंजीकरण नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें, ताकि योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पहुंचेगी राशि
मंत्री ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद पात्र किसानों के ऋण खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से कर्जमाफी की राशि सीधे जमा कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल किसानों के ऋण माफ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहकार विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है।

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