मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजी जाएगी नीति संबंधी सिफारिश: राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटील

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्य के विभिन्न विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द ही नीति संबंधी निर्णय लेने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। सोमवार को राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटील ने बताया कि परियोजना प्रभावितों की विभिन्न मांगों पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा जाएगा, जिसे मंत्रिमंडल के समक्ष नीति संबंधी निर्णय के लिए रखा जाएगा। सोमवार को मंत्रालय में मंत्री मकरंद जाधव-पाटील की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य की विभिन्न परियोजना प्रभावित संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ रोजगार, समानांतर आरक्षण, वैकल्पिक भूमि आवंटन, पुनर्वास तथा अन्य लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मंत्री जाधव-पाटील ने बताया कि मुख्यमंत्री को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में परियोजना प्रभावितों के लिए सरकारी नौकरियों में समानांतर आरक्षण की सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की सिफारिश की जाएगी। साथ ही महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा होने वाली ग्रुप-ए, ग्रुप-बी और ग्रुप-सी की भर्तियों में भी परियोजना प्रभावितों के लिए समानांतर आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव शामिल होगा। प्रस्ताव में प्रत्येक जिले में ‘स्वर्गीय अजितदादा पवार परियोजना प्रभावित भवन’ की स्थापना तथा परियोजना प्रभावितों के लिए आरक्षित पदों की व्यवस्था करने की भी सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा पाझर तालाब, गांव तालाब और जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के प्रभावित किसानों को परियोजना प्रभावित प्रमाणपत्र देने, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की भर्तियों में परियोजना प्रभावितों के लिए समानांतर आरक्षण लागू करने तथा 2013 से पहले प्रत्यक्ष खरीद पद्धति से अधिग्रहित अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के लिए भी नीति बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मंत्री मकरंद जाधव-पाटील ने कहा कि परियोजनाएं पूरी होने के बाद प्रभावित परिवारों के रोजगार, पुनर्वास और वैकल्पिक भूमि आवंटन सहित विभिन्न मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार सकारात्मक है। इन सभी मुद्दों पर आवश्यक नीति संबंधी निर्णय लेने के लिए प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

