
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित खामियों को दूर करने, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किया गया अनशन और आंदोलन उनकी गिरफ्तारी के बाद जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी क्रम में छात्रों और युवाओं के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।आंदोलन में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश के भविष्य माने जाने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों को न्याय दिलाने और सरकार की कथित लापरवाही एवं असंवेदनशीलता के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आंदोलन को समर्थन देने के लिए कीर्ति ताई गवई, धर्म अर्जुन, वरुण ठोकल, विलोभना टोकस, रबानी रावरी और ज्योतिबा पाटील सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

