HomeArchitectureBreakingभारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को मिलेगा बड़ा फायदा, निर्यात और...

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को मिलेगा बड़ा फायदा, निर्यात और निवेश के खुलेंगे नए अवसर

मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- पुणे, नाशिक, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों को मिलेगा वैश्विक बाजार, कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा

मुंबई। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (एफटीए) से महाराष्ट्र को वैश्विक व्यापार, निवेश और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह समझौता राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा और विकसित भारत के लक्ष्य में महाराष्ट्र की भूमिका और मजबूत होगी। भारत-यूके व्यापार समझौते के क्रियान्वयन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस करार से पुणे, नाशिक, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। साथ ही कृषि उत्पादों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए भी निर्यात की नई संभावनाएं खुलेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत और यूके के बीच लगभग 56 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार होता है, जिसे वर्ष 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस समझौते के तहत भारत के अधिकांश निर्यात को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा, जबकि सेवा क्षेत्र, निवेश, नवाचार और पेशेवरों की आवाजाही को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शुल्क में कमी किसी एमएसएमई को वैश्विक निर्यातक बनने, किसान को बेहतर मूल्य मिलने, इंजीनियर को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए उत्पाद विकसित करने और युवा उद्यमियों को वैश्विक स्तर की कंपनियां खड़ी करने का अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि देश में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का 39 प्रतिशत महाराष्ट्र में आता है। राज्य वित्त, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है। अटल सेतु, समृद्धि महामार्ग, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वधावन बंदरगाह और थर्ड मुंबई जैसे बड़े प्रोजेक्ट महाराष्ट्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई ऊंचाई देंगे।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो पार्ट्स, फार्मा, रसायन उद्योग, आईटी, फिनटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, शिक्षा और क्रिएटिव इंडस्ट्री को विशेष लाभ मिलेगा। वहीं नाशिक के अंगूर, कोकण का हापुस आम, अनार, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और समुद्री उत्पादों को ब्रिटेन जैसे प्रीमियम बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना है।
राजशिष्टाचार एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि यह समझौता केवल शुल्क में कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, तकनीक, नवाचार और वैश्विक बाजार तक पहुंच का नया मार्ग भी खोलेगा। उन्होंने कहा कि हापुस आम, अंगूर, संतरा, प्याज, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बड़ा लाभ मिलेगा तथा राज्य सरकार उद्योगों, निर्यातकों और किसानों को इस समझौते का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जागरूकता और मार्गदर्शन अभियान चलाएगी। ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग ने कहा कि इस समझौते के लागू होने से भारत से यूके जाने वाले 99 प्रतिशत उत्पादों और यूके से भारत आने वाले 90 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क कम या समाप्त हो जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी। उन्होंने महाराष्ट्र के उद्योगों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत और यूके के बीच बढ़ते व्यापार का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते हुए दोनों देशों के बीच निर्यात-आयात होने वाले उत्पादों के कार्गो बॉक्स का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर उद्योग, निर्यात और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments