
इंद्र यादव/मुंबई, ठाणे। ठाणे जिला उप निबंधक (सहकारी संस्था) कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बताया कि कार्यालय अधीक्षक सुधाकर बलिराम राठोड को ₹1.25 लाख की रिश्वत मांगने और स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
पंजीकरण के बदले मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपनी ‘यूनिटी इंडस्ट्रियल पार्क ए प्रिमाइसेस को-ऑपरेटिव सोसायटी’ का पंजीकरण कराने के लिए जिला उप निबंधक कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि कार्यालय अधीक्षक सुधाकर राठोड ने पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए ₹1 लाख वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर तथा ₹25 हजार स्वयं के लिए, कुल ₹1.25 लाख की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने इसकी शिकायत ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से की।
एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। तय स्थान पर जैसे ही आरोपी सुधाकर राठोड ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी वैधानिक कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत एसीबी से करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
एसीबी संपर्क: टोल फ्री हेल्पलाइन: 1064, व्हाट्सएप: 9769691064. कार्यालय: एंटी करप्शन ब्यूरो, ठाणे (मध्यवर्ती कारागृह के सामने, ठाणे पश्चिम)



