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पाकिस्तानी ब्यूटी क्रीम, अवैध आयुर्वेदिक दवाएं और मेडिकल स्टोर्स की मनमानी पर एफडीए ने कसा शिकंजा

नांदेड से पुणे तक एफ़डीए के छापे, 90 लाख से अधिक का संदिग्ध माल जब्त

मुंबई। महाराष्ट्र में भ्रामक दावों वाले और पाकिस्तान निर्मित सौंदर्य प्रसाधनों, बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन तथा अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर्स द्वारा मरीजों को दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किए जाने के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘सुरक्षित अन्न, सुरक्षित औषधि और सुरक्षित महाराष्ट्र’ अभियान के तहत 8 से 10 जुलाई 2026 के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी कर कई अनियमितताओं का खुलासा किया गया। शुक्रवार को महाराष्ट्र एफ़डीए के सह आयुक्त (औषध) गणेश रोकडे ने बताया कि नांदेड में पाकिस्तान निर्मित करीब 39.70 लाख रुपये के सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए, जबकि पुणे में बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक औषधियों के मामले में 50.36 लाख रुपये का संदिग्ध माल जब्त किया गया। बीड में भ्रामक दावों वाले 36 हजार रुपये के सौंदर्य प्रसाधनों पर कार्रवाई की गई। नांदेड पुलिस और एफडीए की संयुक्त टीम ने 9 जुलाई को अफराह कलेक्शन पर छापा मारकर पाकिस्तान में निर्मित गोरी ब्यूटी क्रीम, फेस फ्रेश ब्यूटी क्रीम, उजूबा एक्स्ट्रा व्हाइट और गोल्ड ग्लेम सहित बड़ी मात्रा में सौंदर्य प्रसाधन बरामद किए। खरीद से संबंधित बिल प्रस्तुत नहीं किए जाने पर तीन नमूने जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए और करीब 39.70 लाख रुपये का शेष माल जब्त कर लिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता और विदेश व्यापार अधिनियम, 1992 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीड के नगर रोड स्थित मंगलमूर्ति एजेंसी की जांच के दौरान ‘मेरा रूप श्रृंगार क्रीम’ के लेबल और कार्टन पर ‘रेडिएंट एंड नेचुरल ग्लो’, ‘ब्राइट एंड ब्लेमिश फ्री स्किन’ और ‘रिड्यूस डार्क पैचेस’ जैसे आपत्तिजनक दावे पाए गए। उत्पाद का नमूना जांच के लिए भेजकर 36 हजार रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। वहीं पुणे के शुक्रवार पेठ स्थित कल्पतरू आयुर्वेद में बिना लाइसेंस भस्म और रस औषधियों की बिक्री की सूचना पर औषधि निरीक्षकों ने छापा मारा। जांच के दौरान प्लास्टिक की थैलियों, डिब्बों और बोतलों में बड़ी मात्रा में भस्म और अन्य औषधियों का भंडारण पाया गया, जिन पर बैच नंबर, उत्पादन एवं एक्सपायरी तिथि, निर्माता का नाम-पता और लाइसेंस नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी दर्ज नहीं थी। प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर राकेश राजेश शिर्के खरीद बिल या माल के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद करीब 50.36 लाख रुपये का संदिग्ध स्टॉक जब्त कर लिया गया।
सोलापुर के नोबल अस्पताल से जुड़े फातिमा मेडिकल स्टोर में मरीजों को दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत पर जांच की गई। जांच में मरीजों को प्रिस्क्रिप्शन नहीं देने, शेड्यूल एच और एच-1 दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन बेचने, बिक्री के बिल नहीं रखने, कम तापमान पर रखी जाने वाली दवाओं को खुले रैक पर रखने और दवाओं की खरीद-बिक्री में अंतर सहित कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद मेडिकल स्टोर को कारोबार बंद करने का आदेश दिया गया। वहीं छत्रपति संभाजीनगर के कृपामाई अस्पताल में कैंसर पीड़ित मरीज को कीमोथेरेपी के लिए आवश्यक सिस्प्लैटिन इंजेक्शन बाहर से खरीदने से रोककर अस्पताल से जुड़े मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदने के लिए मजबूर किए जाने और इसके कारण इलाज में देरी होने का मामला सामने आया। जांच में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, बिक्री बिलों की दूसरी प्रति सुरक्षित नहीं रखने और शेड्यूल एच एवं एच-1 दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड में अंतर सहित कई गंभीर खामियां मिलीं, जिसके बाद मेडिकल स्टोर का बिक्री लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी किया गया। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि राज्यभर में अनधिकृत, बिना लाइसेंस, नकली और भ्रामक दावों वाली दवाओं एवं सौंदर्य प्रसाधनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नागरिकों से संदिग्ध उत्पादों और गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी नजदीकी एफडीए कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1800222365 पर देने की अपील की गई है।

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