
मुंबई। पुणे जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (कात्रज डेयरी) से संबंधित शिकायतों की गहन जांच कर दो महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यह जानकारी मंत्री अतुल सावे ने विधान परिषद में दी। मंगलवार को विधान परिषद सदस्य योगेश टिळेकर द्वारा प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मंत्री अतुल सावे ने यह जानकारी दी। इस दौरान हुई चर्चा में सदाभाऊ खोत, बच्चू कडू और अरुण लाड ने भी भाग लिया। मंत्री सावे ने बताया कि पुणे जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (कात्रज डेयरी) के संबंध में 2 जून 2026 को शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद 10 जून को विभागीय उपनिबंधक, सहकारी संस्था (दुग्ध), पुणे को मामले की जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने बताया कि जांच के लिए 11 जून को सहायक निबंधक, सहकारी संस्था (दुग्ध), पुणे और जिला विशेष लेखा परीक्षक की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी को भी इस समिति में शामिल किया जाएगा। मंत्री अतुल सावे ने कहा कि सदस्यों द्वारा लिखित शिकायत में उठाए गए सभी मुद्दों की विस्तार से जांच की जाएगी। जांच में यदि फर्जी दुग्ध संस्थाएं या किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दूध में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण भविष्य में कोई भी दूध में मिलावट करने का साहस नहीं करेगा। मंत्री सावे ने यह भी कहा कि दूध की कीमतों को लेकर विधान परिषद सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा।



