
मुंबई। महाराष्ट्र के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) विभाग में कथित अनियमितताओं, कर चोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि सदन के सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से लिया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने यह बयान विधायक विजय वडेट्टीवार द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से चर्चा की गई है और आरटीओ विभाग में सामने आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सदन को बताया कि महंगी लग्जरी गाड़ियों के पंजीकरण से जुड़े कई मामलों में कर चोरी के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वाहन मालिक महाराष्ट्र में निवास करते हैं, राज्य की बैंकों से वाहन ऋण भी लेते हैं, लेकिन कर बचाने के उद्देश्य से अपने वाहनों का पंजीकरण दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में कराते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में आरटीओ विभाग द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भविष्य में कर चोरी पर रोक लगाने के लिए वाहन पंजीकरण के समय जीएसटी सत्यापन, ऋण संबंधी दस्तावेजों और निवास प्रमाणों की कड़ी जांच की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि आरटीओ विभाग से संबंधित प्राप्त शिकायतों, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रियंका नारनवरे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस समिति में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ और सतर्कता अधिकारी मंदार जावळे भी शामिल हैं। सरकार ने एसआईटी को एक महीने के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



