
मुंबई। महाराष्ट्र में सक्रिय बिश्नोई गैंग के खिलाफ मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सदस्य अनमोल बिश्नोई और प्रवीण लोणकर को गिरफ्तार किया है। विदेश से फोन कर व्यापारियों को रंगदारी की धमकियां देने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार संगठित अपराध को पूरी तरह खत्म करने के लिए कठोर कार्रवाई कर रही है। पिंपरी-चिंचवड़ में एक फर्नीचर शोरूम पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग द्वारा लेने के मुद्दे पर विधानसभा में सदस्य विजय वडेट्टीवार द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। इस दौरान सदस्य अस्लम शेख ने भी पूरक प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि गैंग के अन्य आरोपी रिजू बिश्नोई और शुभम लोणकर की तलाश जारी है। जांच में सामने आया है कि दोनों ऐसे देशों में छिपे हैं, जिनके साथ भारत का प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) समझौता नहीं है। ये आरोपी विभिन्न देशों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर व्यापारियों से रंगदारी मांग रहे हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जल्द ही फरार आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे पहले गैंग द्वारा इस्तेमाल किए गए कई शूटरों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बिश्नोई गैंग की गतिविधियां देशभर में फैली हुई हैं, लेकिन मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में इसकी सक्रियता अधिक है। इसे देखते हुए पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि पिंपरी-चिंचवड़ में फर्नीचर शोरूम पर फायरिंग और व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामलों में विभिन्न पुलिस थानों में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। जांच के दौरान 12 आरोपी चिन्हित हुए हैं, जिनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा दो अन्य व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। राज्यमंत्री कदम ने कहा कि जिन व्यापारियों को धमकियां मिली हैं, उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। व्यापारियों और नागरिकों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं तथा सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।



