
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। एसटीएफ, आबकारी विभाग और औरास पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार भेजी जा रही अवैध शराब की भारी खेप बरामद की है। शनिवार रात करीब 9:30 बजे की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को पकड़कर उससे रॉयल स्टैग ब्रांड की 142 पेटियां शराब जब्त कीं तथा वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। मामले में उसके दो अन्य साथियों की भी संलिप्तता सामने आई है। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने बताया कि पकड़ा गया पिकअप डाला (वाहन संख्या यूपी-32 डब्ल्यूएन-6732) रंजीत (22 वर्ष), पुत्र सर्वेश, निवासी टिकरा वाउ, थाना औरास, जनपद उन्नाव चला रहा था। उसे थाना औरास क्षेत्र के टिकरा गांव के बाहर रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से रॉयल स्टैग ब्रांड की 92 पेटियां (2,208 हाफ बोतल) तथा 50 पेटियां (600 फुल बोतल) शराब बरामद हुई। जांच में पता चला कि बरामद शराब केवल चंडीगढ़ राज्य में बिक्री के लिए अधिकृत थी, लेकिन इसे अवैध रूप से बिहार ले जाया जा रहा था। पूछताछ में आरोपी रंजीत ने बताया कि उसने शराब की खेप कन्नौज जिले के औरलिया गांव से लोड की थी और गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बिहार पहुंचाने की तैयारी थी। जांच के दौरान रंजीत ने अपने दो सहयोगियों अजय (28 वर्ष) और विपिन (25 वर्ष), दोनों पुत्र बाबूलाल, निवासी टिकरा वाउ, थाना औरास, के नाम भी बताए। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी चंडीगढ़ से शराब लोड कराने और पूरे अवैध कारोबार में रंजीत की मदद करते थे, जबकि रंजीत अपने वाहन से शराब की खेप बिहार तक पहुंचाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पिकअप वाहन पर फर्जी नंबर यूपी-82 डब्ल्यूएन-6782 अंकित था, जबकि उसका वास्तविक पंजीकरण नंबर यूपी-32 डब्ल्यूएन-6732 है। ई-चालान रिकॉर्ड की जांच में वाहन रंजीत के नाम पर पंजीकृत पाया गया। आरोपी ने बताया कि उसका घर टिकरा वाउ में होने के कारण वह गंगा एक्सप्रेसवे से परिवार से मिलने आया था, इसी दौरान संयुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। इस संयुक्त अभियान में एसटीएफ लखनऊ के हेड कांस्टेबल नीरज मिश्रा, विजेंद्रनाथ, अमित यादव, आबकारी निरीक्षक ज्योति अग्रवाल, मुख्य आरक्षी राम प्रकाश दीक्षित, अविनाश तिवारी तथा थाना औरास प्रभारी अपनी पुलिस टीम के साथ शामिल रहे। पुलिस और आबकारी विभाग ने बरामद शराब, पिकअप वाहन तथा अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इस अवैध शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।



