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बरसात में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त हुए जिलाधिकारी, खुले में सड़े-गले फल और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक के निर्देश

देवेश प्रताप सिंह राठौर/झाँसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरसात के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा, मिलावटखोरी की रोकथाम और फूड प्वाइजनिंग से बचाव को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि रेहड़ी-पटरी और ठेले-खुमचे पर खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों के बीच विशेष अभियान चलाकर उन्हें स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि फूड प्वाइजनिंग जैसी घटनाओं को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में कटे-फटे, सड़े-गले फल एवं सब्जियों तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि खुले में खराब गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क किनारे ठेले-खुमचों पर तैयार खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रख-रखाव, स्वच्छता और निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां भी पका हुआ भोजन परोसा जाता है, जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, अनाथालय, वृद्धाश्रम, जननी सुरक्षा योजना से जुड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्र और कैंटीन, वहां नियमित जांच कर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाए।बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय स्थापित कर खराब छवि वाले खाद्य प्रतिष्ठानों की पहचान की जाए और जिन प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनके विरुद्ध कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा से जुड़े लंबित न्यायालयीन मामलों के शीघ्र निस्तारण और मिलावट करने वाले कारोबारियों को न्यायालय से दंडित कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। औषधि निरीक्षक को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने तथा सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए औषधि प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य एवं अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से खाद्य नमूने एकत्र किए जा रहे हैं तथा डोम-24 और फूड सेफ्टी मोबाइल लैब वैन के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच और जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़, सहायक आयुक्त (खाद्य), उपायुक्त राज्य कर (जीएसटी), मंडी निरीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बाट एवं माप विभाग के निरीक्षक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी तथा खाद्य व्यापार मंडल के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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