
मुंबई। नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा दवाओं की कानूनी और नियमानुसार बिक्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एफडीए अधिकारियों ने 18 जून 2026 को गोवंडी (पूर्व) स्थित मुस्कान एनआईसीयू एंड चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में छापेमार कार्रवाई की।जांच के दौरान अस्पताल के संचालक डॉ. निलेश रजनीकांत शाह द्वारा अस्पताल की दो अलग-अलग कक्षों में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया। जांच में यह भी पाया गया कि इन दवाओं की बिक्री वैध औषधि विक्रय लाइसेंस के बिना अस्पताल की 12वीं पास रिसेप्शनिस्ट के माध्यम से बिल जारी कर की जा रही थी। एफडीए अधिकारियों ने पाया कि मरीजों को दवाएं देने और बिक्री संबंधी बिल तैयार करने का कार्य ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जिसके पास फार्मेसी व्यवसाय या औषधि वितरण से संबंधित कोई वैधानिक अथवा तकनीकी योग्यता नहीं थी। यह व्यवस्था औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन मानी गई है।कार्रवाई के दौरान दवाओं की बिक्री में उपयोग किए जा रहे बिल बुक भी जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि बिलों में केवल मरीज का नाम, तारीख, दवा का नाम और वसूली गई राशि दर्ज की गई थी, जबकि दवा का बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, निर्माता का नाम तथा अन्य आवश्यक वैधानिक विवरण दर्ज नहीं किए गए थे। इसे उपभोक्ता संरक्षण और औषधि विक्रय नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।एफडीए ने अस्पताल परिसर में बिक्री के लिए रखी गई एलोपैथिक दवाओं का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में कुल 9,09,215.28 रुपये मूल्य की दवाएं और संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। विभाग ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और उससे जुड़े नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री, अयोग्य व्यक्तियों के माध्यम से दवा वितरण तथा औषधि विक्रय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे दवाएं केवल लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और खरीदारी के समय सभी वैधानिक विवरणों वाला बिल अवश्य प्राप्त करें।



