
मुंबई। मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम के व्यापक पुनरुद्धार की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि बेस्ट की जमीनें बेची नहीं जाएंगी, बल्कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से उनका विकास किया जाएगा। जमीन और संपत्तियों का स्वामित्व पूरी तरह बेस्ट के पास ही रहेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ‘वर्षा’ में आयोजित बैठक में बेस्ट के विभिन्न बस डिपो के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और बेस्ट प्रबंधन के अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि बेस्ट केवल एक परिवहन संस्था नहीं, बल्कि मुंबई की जीवनरेखा है। इसलिए उसके भविष्य से जुड़ी योजनाओं में नागरिकों, कर्मचारियों और शहर के दीर्घकालिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय और पारदर्शिता के साथ काम करते हुए विस्तृत प्रस्ताव सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
22 बस डिपो का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास
बैठक में बेस्ट की महाप्रबंधक डॉ सोनिया सेठी ने बताया कि मुंबई में 132 एकड़ क्षेत्र में फैले 22 बस डिपो का पुनर्विकास किया जाएगा। यह परियोजना ‘डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (DBFOT) मॉडल के तहत निजी भागीदारों के सहयोग से लागू की जाएगी। योजना के अनुसार डिपो परिसरों में आधुनिक बस पार्किंग, स्मार्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन, कर्मचारियों के लिए आवास, वाणिज्यिक परिसर, रिटेल मॉल, अर्बन प्लाजा, आर्ट गैलरी और बहुमंजिला पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही लगभग 7,000 नई बसों की व्यवस्था करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
डिपो में बनेंगे सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिपो विकास को केवल व्यावसायिक परियोजना तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रत्येक परियोजना में संग्रहालय, खेल सुविधाएं, सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि ये परिसर मुंबई के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को भी नई ऊर्जा प्रदान कर सकें।उन्होंने चयनित डिपो में 300 से 400 सीटों वाले मराठी फिल्मों के लिए समर्पित सिनेमाघरों की स्थापना की संभावना पर भी विचार करने के निर्देश दिए। इन सिनेमाघरों में मराठी फिल्मों को रियायती दरों पर स्क्रीन उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवास
बैठक में बेस्ट कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके तहत आधुनिक आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर रहने की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
‘मुंबई 2047’ को ध्यान में रखकर बनेगा मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित महाराष्ट्र’ की अवधारणा के अनुरूप ‘मुंबई 2047’ के दृष्टिकोण से योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 22 वर्षों की परिवहन जरूरतों, बसों की संख्या, कर्मचारियों की आवश्यकता, आय-व्यय और वित्तीय स्थिरता का अध्ययन कर दीर्घकालिक आर्थिक खाका तैयार करने को कहा।
ऑक्ट्रॉय नाके बनेंगे ट्रांसपोर्ट हब
मुंबई में बढ़ती यातायात समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दहिसर, मानखुर्द, मुलुंड के आनंद नगर, एलबीएस रोड और ऐरोली नाका स्थित पुराने ऑक्ट्रॉय नाकों को ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। यहां बाहरी शहरों से आने वाली बसों के लिए पार्किंग, यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सुविधाएं और अन्य सार्वजनिक सेवाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि बाहरी बसों के लिए शहर की सीमा पर ही पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं, तो उन्हें मुंबई के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता कम होगी और इससे शहर की यातायात भीड़ को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बेस्ट के पुनरुद्धार की यह योजना केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मुंबई को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ महानगर के रूप में विकसित करना भी है।



