
इंद्र यादव/ठाणे। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण शाखा (क्राइम डिटेक्शन ब्रांच) कक्ष-4 ने एक बड़ी और बहु-राज्यीय कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना तक फैले ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस अभियान में पुलिस ने अब तक कुल 20 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक मूल्य की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स, प्रतिबंधित रसायन, लैब उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है।मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को मीरा रोड पूर्व स्थित नयानगर इलाके की छेडा आदर्श बिल्डिंग के एक फ्लैट पर छापेमारी से हुई। पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में श्रीमती फिरदोस अरबाज कुरेशी के घर से 1 किलो 324 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 2 करोड़ 66 लाख 17 हजार 280 रुपये आंकी गई। जांच में सामने आया कि यह ड्रग्स उनके पति अरबाज वकील कुरेशी की थी। इसके बाद दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नयानगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।प्रकरण की गहन जांच के दौरान पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 15 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी मिरा रोड के अलावा मुंबई के अग्रीपाड़ा, मालवणी और मनोरी क्षेत्रों से जुड़े हुए थे। उनके कब्जे से एमडी ड्रग्स, रासायनिक पदार्थ और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त प्रयोगशाला सामग्री बरामद की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 13 करोड़ 65 लाख रुपये बताई गई।जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने तीन और प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी संदीप विरास्वामी नायडु को 28 मई 2026 को रायगढ़ जिले के खालापुर से पकड़ा गया, जबकि नसिर उर्फ बाबा जानिमिया शेख और मेहबूब खान को 29 मई को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में नसिर ने खुलासा किया कि तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के जहीराबाद तालुका अंतर्गत पिचारगडी तांडा क्षेत्र में लगभग दो एकड़ भूमि पर स्थित एक फार्म हाउस में एमडी ड्रग्स निर्माण की अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।इस जानकारी के आधार पर मीरा-भायंदर पुलिस की टीम तेलंगाना पहुंची और स्थानीय समन्वय के साथ फार्म हाउस पर छापा मारकर फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। वहां से 3 किलो तैयार एमडी ड्रग्स, 2213 लीटर विभिन्न प्रतिबंधित एवं खतरनाक रसायन तथा ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त बड़े पैमाने के लैब उपकरण और मशीनें बरामद की गईं। जब्त रसायनों में क्लोरोफॉर्म, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 2-ब्रोमो जैसे पदार्थ शामिल हैं। इस कार्रवाई में लगभग 6 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य का मुद्दामाल जब्त किया गया।पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में अब तक कुल 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जब्त किए गए ड्रग्स, रसायनों तथा उपकरणों का कुल मूल्य 20.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और देश के विभिन्न हिस्सों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था।यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (क्राइम) संदीप डोईफोडे तथा सहायक पुलिस आयुक्त मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। क्राइम डिटेक्शन ब्रांच कक्ष-4 के प्रभारी अधिकारी प्रमोद बडाख तथा उनकी टीम ने इस जटिल अंतरराज्यीय अभियान को अंजाम दिया।पुलिस अब इस ड्रग्स नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।



