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मुंबई में जलभराव रोकने के लिए बीएमसी को महापौर रितु तावड़े के सख्त निर्देश, नालों की सफाई और जल निकासी कार्यों में तेजी लाने पर जोर

मुंबई। आगामी मानसून के दौरान मुंबई में जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए महापौर रितु तावड़े ने महानगरपालिका प्रशासन को व्यापक और प्रभावी उपाययोजनाएं लागू करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से परिमंडल-5 क्षेत्र में नालों, कल्वर्टों की गाद (सिल्ट) निकासी तथा जल निकासी व्यवस्था से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक होने पर अतिरिक्त मानवबल और मशीनरी तैनात करने को कहा गया है। महापौर ने निर्देश दिया कि जिन निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने की संभावना रहती है, वहां की स्थिति की समीक्षा कर सभी पंपिंग स्टेशनों और डी-वॉटरिंग पंपों को पूर्ण क्षमता से संचालित रखा जाए, ताकि नागरिकों को मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में महापौर रितु तावड़े ने सोमवार को घाटकोपर (पूर्व) स्थित जय अंबे नगर के सोमैया नाला, गोवंडी के घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर स्थित सुभाष नगर नाला, चेंबूर के ईस्टर्न फ्रीवे के निकट वाशी नाका नाला, जिजामाता नगर कल्वर्ट, आर.सी. मार्ग के पास स्थित नाला तथा अयोध्या नगर स्थित मानसिंह विजय सोसायटी के समीप नाले का दौरा कर गाद निकासी कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में महापौर ने वाशी नाका नाले पर लगाए गए ट्रैश बूम, कन्वेयर बेल्ट तथा तैरते कचरे को रोकने और हटाने के लिए उपयोग में लाई जा रही आधुनिक प्रणालियों की भी जानकारी ली। मीडिया से बातचीत में महापौर रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई महानगर में मिठी नदी सहित बड़े और छोटे नालों की सफाई तथा गाद निकासी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मानसून पूर्व निर्धारित लक्ष्य का अधिकांश हिस्सा पूरा कर लिया गया है और बारिश के मौसम के दौरान तथा उसके बाद भी सफाई अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि परिमंडल-5 में ठेकेदार नियुक्ति से जुड़ी कुछ प्रशासनिक अड़चनों के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई थी। प्रारंभिक ठेकेदार द्वारा अपेक्षित गति से काम न किए जाने के कारण नया ठेकेदार नियुक्त करना पड़ा, जिससे कुछ समय की देरी हुई। हालांकि अब कार्यों में तेजी आ गई है और जून के पहले सप्ताह तक नालों से गाद एवं तैरते कचरे को हटाने का अभियान जारी रखा जाएगा। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां आवश्यकता हो वहां नालों के किनारे सुरक्षा दीवारें बनाई जाएं, भूमिगत नालों और मोरियों की नियमित सफाई की जाए तथा सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक रोबोटिक तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।महापौर रितु तावड़े ने नागरिकों से भी अपील की कि वे साफ किए गए नालों में कचरा, मलबा या निर्माण सामग्री न फेंकें और शहर को जलभराव मुक्त रखने के लिए महानगरपालिका के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही मुंबई को मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत दिलाई जा सकती है।

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