
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की प्रमुख उपस्थिति में मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोक भवन में सोमवार को सिक्किम एवं गोवा राज्य स्थापना दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने सिक्किम और गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा।अपने संबोधन में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने से उनकी संस्कृति, वेशभूषा, लोकनृत्य और परंपराओं की जानकारी मिलती है तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद सिक्किम और गोवा दोनों राज्यों में ‘विविधता में एकता’ की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।राज्यपाल ने कहा कि सिक्किम अपनी मनमोहक पर्वत श्रृंखलाओं के लिए प्रसिद्ध है, जबकि गोवा अपने सुंदर समुद्र तटों के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। दोनों ही राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।उन्होंने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ केवल समानताओं का नहीं, बल्कि विविधताओं का उत्सव है। भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं से समृद्ध एक जीवंत सभ्यता है।राज्यपाल ने गोवा और महाराष्ट्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच निरंतर सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता रहा है। उन्होंने मुंबई में शिक्षा और रोजगार के उद्देश्य से रहने वाले सिक्किम के नागरिकों से अपनी संस्था गठित कर आपसी सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान भी किया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गोवा का लोकप्रिय लोकगीत एवं नृत्य ‘मारिया पिता शे’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। राज्यपाल ने उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों को बधाई दी।इस दौरान सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू पूसपती के वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किए गए। साथ ही दोनों राज्यों के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर ने राज्यपाल का स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सहसचिव एस. राममूर्ति, परिवार प्रबंधक डॉ. निशिकांत देशपांडे तथा मुंबई में निवासरत सिक्किम के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सहायक प्रशासनिक अधिकारी संजय करंगे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



