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अहिल्यादेवी ने हिंदवी स्वराज्य के मूल्यों को पूरे देश में पहुंचाया, उनके विचारों को अपनाने की जरूरत: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

अहिल्यानगर। पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्यादेवी होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज्य के मूल्यों का प्रसार अहिल्यादेवी होल्कर ने अपने कार्यों के माध्यम से पूरे देश में किया। उन्होंने कभी अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दिया और समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य किया। आज समाज को उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। चौंडी में आयोजित जयंती महोत्सव में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने कहा कि अहिल्यादेवी होल्कर महाराष्ट्र के गौरव, शौर्य, त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं। चौंडी की भूमि उनके जन्म से पवित्र हुई है। वे न्यायप्रियता, शक्ति और लोककल्याणकारी शासन की प्रतीक थीं। उन्होंने अपनी प्रजा पर मां की तरह स्नेह बरसाया और मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया। तीन सौ वर्षों बाद भी देश उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अहिल्यादेवी ने जीवन में अनेक व्यक्तिगत दुख और आघात सहे, लेकिन कभी विचलित नहीं हुईं। उन्होंने आदर्श शासन, जनसेवा और समाज कल्याण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी प्रेरणास्रोत है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘गोदा से नर्मदा अहिल्यादेवी जलयात्रा’ का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि वे दूरदर्शी शासक थीं और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज की रक्षा और कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि अहिल्यादेवी होल्कर ने 28 वर्षों तक आदर्श शासन चलाया और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाया। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों का अपने निजी संसाधनों से जीर्णोद्धार कराया। राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उनका योगदान अतुलनीय है। समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और जनहित को उन्होंने हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अहिल्यादेवी ने माहेश्वरी वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वतंत्र महिला सैन्य टुकड़ी का गठन कर अपनी दूरदर्शिता का परिचय दिया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत वैभव पर धन खर्च करने के बजाय समाज कल्याण को प्राथमिकता दी, इसी कारण उन्हें ‘लोकमाता’ के रूप में सम्मान प्राप्त हुआ। विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने कहा कि अहिल्यादेवी होल्कर की 301वीं जयंती विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर तीन दिवसीय सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि अहिल्यादेवी का जीवन न्याय, सुशासन और लोककल्याण का आदर्श उदाहरण है, जिससे आज भी समाज को प्रेरणा मिलती है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि चौंडी केवल अहिल्यादेवी होल्कर की जन्मभूमि नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्थल है। उनके लोककल्याणकारी कार्य और जनसेवा की भावना आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने लोगों से अहिल्यादेवी के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सांसद रामराव वडकुटे, विधायक गोपीचंद पडलकर और पूर्व मंत्री अन्नासाहेब डांगे सहित अन्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के जीवन और कार्यों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

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