
इंद्र यादव।/पालघर। भ्रष्टाचार के खिलाफ ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वसई कोर्ट परिसर में एक विशेष सहायक सरकारी अभियोक्ता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद कोर्ट परिसर और कानूनी महकमे में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भूपेश अजीत पुरंदरे के रूप में हुई है, जो वसई कोर्ट में विशेष सरकारी वकील के तौर पर कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता के मुवक्किल के खिलाफ माणिकपुर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज था। इस केस में जब्त की गई संपत्ति वापस पाने के लिए शिकायतकर्ता ने वसई के प्रथम श्रेणी संयुक्त सिविल न्यायालय (जूनियर डिवीजन) में आवेदन दाखिल किया था। इस आवेदन पर सरकारी पक्ष की ओर से अनुकूल रिपोर्ट देना आवश्यक था। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी सरकारी वकील भूपेश पुरंदरे ने शिकायतकर्ता से काम करवाने के बदले ₹25,000 की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने सीधे ठाणे एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद ACB टीम ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया।
गुरुवार को जैसे ही आरोपी भूपेश पुरंदरे ने शिकायतकर्ता से ₹25,000 की रिश्वत स्वीकार की, पहले से तैनात ACB अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद वसई कोर्ट परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या लोकसेवक किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो बिना डरे तुरंत ACB से शिकायत करें।




