
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में कर-करेत्तर एवं प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विभाग कार्ययोजना बनाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मासिक लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए वसूली में तेजी लाई जाए, ताकि जनपद को दिए गए वार्षिक लक्ष्य पूरे किए जा सकें।बैठक में वाणिज्य कर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, मालकर/वाहनकर/यात्रीकर, राज्य उत्पाद शुल्क (आबकारी), अलौह खनन एवं धातुकर्म तथा वानिकी एवं वन्यजीव विभागों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वाणिज्य कर विभाग की धीमी वसूली पर नाराजगी
जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर विभाग द्वारा अप्रैल माह में निर्धारित ₹187.79 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र ₹107.77 करोड़ की वसूली पर नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जीएसटी चोरी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने और कर अपवंचन रोकने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पंचायतीराज विभाग और निकायों में टीडीएस एवं जीएसटी कटौती संबंधी कार्यशाला आयोजित करने की जिम्मेदारी भी वाणिज्य कर विभाग को सौंपी।
आबकारी विभाग को आरसी वसूली तेज करने के निर्देश
राज्य उत्पाद शुल्क (आबकारी) विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शादी-विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों के लिए एक दिन का लाइसेंस जारी करने पर जोर देते हुए विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर सर्वे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की निर्गत आरसी की वसूली में तेजी लाई जाए। विभाग द्वारा ₹60.48 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹62.13 करोड़ की वसूली किए जाने पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन अधिकारियों को निरंतर सक्रिय रहने की नसीहत भी दी। जिलाधिकारी ने शराब की दुकानों का सत्यापन कर गंदगी पाए जाने पर जुर्माना लगाने तथा गांजा बिक्री की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने पर भी विशेष जोर दिया।
ओवरलोडिंग और वाहन कर वसूली पर सख्ती
मालकर, वाहन कर एवं यात्री कर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डंपरों के चालानों की सूची तैयार कर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा ₹16.49 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹15.36 करोड़ की वसूली पर असंतोष जताते हुए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान एवं वसूली कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
पेयजल व्यवस्था बाधित न हो
बैठक में जिलाधिकारी ने निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है, वहां तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, एडीएम वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पाण्डेय, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, जिला आबकारी अधिकारी मनीष गुप्ता, जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह, विद्युत विभाग के अधिकारी, समस्त एसडीएम तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




