Wednesday, May 13, 2026
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अवैध खनन की शिकायत बनी मौत की वजह: खदान मालिक समेत 10 से 12 आरोपियों पर हत्या का मामला

राजकिशोर तिवारी/ पालघर। विरार पूर्व के गडगापाड़ा इलाके में स्थित एक अवैध खदान में हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे वसई-विरार क्षेत्र को दहला दिया है। अवैध उत्खनन और जिलेटिन ब्लास्टिंग की शिकायत की जांच करने पहुंचे लोगों पर खदान मालिक और उसके साथियों ने हमला कर दिया। इस हमले में आत्माराम पाटील नामक व्यक्ति की पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी गई, जबकि मंडल अधिकारी प्रभाकर पाटील गंभीर रूप से घायल हो गए। विरार पुलिस के अनुसार, अमित चौधरी नामक शिकायतकर्ता ने पीजी पोर्टल के माध्यम से वसई तहसीलदार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि गडगापाड़ा इलाके में अवैध खनन और जिलेटिन का उपयोग कर विस्फोट किए जा रहे हैं। शिकायत के बाद तहसीलदार ने मंडल अधिकारी प्रभाकर पाटील को मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। बताया गया कि प्रभाकर पाटील अपने चालक के साथ सुबह करीब 11 बजे खदान क्षेत्र में पहुंचे, लेकिन उन्हें शिकायत वाला सटीक स्थान नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद शिकायतकर्ता अमित चौधरी ने अपने एक व्यक्ति को मौके पर भेजने की बात कही। कुछ देर बाद आत्माराम पाटील वहां पहुंचे और मंडल अधिकारी के साथ इलाके का निरीक्षण शुरू किया। इसी दौरान खदान मालिक महेश पाटील, उसके पिता, बेटे और अन्य साथी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक, पुरानी शिकायतों की रंजिश को लेकर आरोपियों ने लाठी, लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में मंडल अधिकारी प्रभाकर पाटील गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि आत्माराम पाटील को पत्थरों से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी खदान मालिक महेश पाटील को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जांच में इस मामले में 10 से 12 लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गडगापाड़ा इलाके में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन और जिलेटिन ब्लास्टिंग का काम चल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ था और प्रशासन को कई बार शिकायतें भी दी गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद मृतक आत्माराम पाटील के परिवार और बड़ी संख्या में ग्रामीण विरार पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस हत्याकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अवैध खदानें किसके संरक्षण में संचालित हो रही थीं? जिलेटिन ब्लास्टिंग जैसे खतरनाक काम पर प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की? और क्या स्थानीय स्तर पर किसी की मिलीभगत से यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था? फिलहाल विरार पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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