
झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी सोमवार सुबह शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी के साथ कम्पोजिट विद्यालय सीपरी बाजार का औचक निरीक्षण किया और बच्चों को स्वयं पढ़ाकर उनका उत्साहवर्धन किया।गर्मी के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों का संचालन सुबह 7:15 बजे से 11:15 बजे तक किया जा रहा है। इसी क्रम में सुबह करीब 8:30 बजे जिलाधिकारी विद्यालय पहुंचे और सबसे पहले प्रधानाध्यापिका बिल्फीस बेगम से शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय संचालन की जानकारी ली। उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर सभी शिक्षक और स्टाफ उपस्थित पाए गए।निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय में जूनियर स्तर के शिक्षकों की कमी है और एक सहायक अध्यापक अन्य विद्यालय में संबद्ध हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए।विद्यालय में प्रवेश के दौरान पंजीकरण कराने आई बालिका अंशिका को जिलाधिकारी ने दुलार करते हुए चॉकलेट भेंट की और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के निर्देश दिए।इसके बाद जिलाधिकारी ने कक्षा 6, 7 और 8 का निरीक्षण किया। कम उपस्थिति के कारण कक्षाएं संयुक्त रूप से संचालित की जा रही थीं। उन्होंने बच्चों से किताबों और यूनिफॉर्म वितरण की जानकारी ली तथा कक्षा 6 की छात्रा जायरा खान से पढ़ाई के बारे में बातचीत की।शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए जिलाधिकारी ने कक्षा 7 के बच्चों से हिंदी का पाठ पढ़वाया। छात्रा वाणी शिल्पकार और छात्र उदय द्वारा सही पाठ पढ़ने पर उन्होंने उन्हें चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया। वहीं जो बच्चे पाठ नहीं पढ़ सके, उन्हें और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया गया।जिलाधिकारी ने गणित की कक्षा भी ली। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखे और बच्चों से हल करने को कहा। कक्षा 6 के छात्र नवल और उदय द्वारा सवाल सही हल करने पर उनकी प्रशंसा की गई और चॉकलेट देकर उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने बच्चों को गणित के सवाल हल करने के तरीके भी समझाए और अभिवादन करना सिखाया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की रसोई का भी निरीक्षण किया और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता जांची। उन्होंने दाल और चावल का निरीक्षण किया तथा रसोई कर्मचारियों की जानकारी ली। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि एक रसोइया सुनीता का मानदेय पिछले नवंबर से लंबित है, जिस पर जिलाधिकारी ने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने रसोई में अत्यधिक गर्मी को देखते हुए रसोइयों के लिए पंखे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।इस दौरान विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




