Wednesday, May 6, 2026
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लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर ने FY26 में दिखाई मजबूत वृद्धि, नए बिजनेस प्रीमियम में 15.7 प्रतिशत की उछाल

मुंबई। देश के लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नए बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कुल प्रीमियम संग्रह बढ़कर लगभग 4.60 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष FY25 के 3,97,337 करोड़ रुपए की तुलना में काफी अधिक है। मार्च 2026 में भी उद्योग की रफ्तार तेज रही और इस महीने 75,872 करोड़ रुपए का नया बिजनेस प्रीमियम एकत्र हुआ, जबकि मार्च 2025 में यह आंकड़ा 61,439 करोड़ रुपए था। इससे यह स्पष्ट होता है कि व्यक्तिगत और समूह दोनों वर्गों में बीमा उत्पादों की मांग बनी हुई है। इस वृद्धि में समूह (ग्रुप) व्यवसाय का प्रमुख योगदान रहा। ग्रुप सिंगल प्रीमियम में 17.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर यह 2,49,766 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जबकि ग्रुप ईयरली रिन्यूएबल प्रीमियम में 39 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी हुई। ग्रुप नॉन-सिंगल प्रीमियम में भी सकारात्मक वृद्धि देखी गई। वहीं, व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) सेगमेंट में भी स्थिर वृद्धि बनी रही। इंडिविजुअल नॉन-सिंगल प्रीमियम 10.1 प्रतिशत बढ़कर 1,26,900 करोड़ रुपए हो गया, जबकि इंडिविजुअल सिंगल प्रीमियम 12.3 प्रतिशत बढ़कर 57,664 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पॉलिसी जारी करने के मामले में भी उद्योग ने प्रगति दर्ज की है। FY26 के दौरान 2.83 करोड़ से अधिक पॉलिसियां जारी की गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.7 प्रतिशत अधिक है। प्रीमियम में अधिक वृद्धि और पॉलिसियों की संख्या में अपेक्षाकृत कम वृद्धि यह संकेत देती है कि औसत निवेश राशि बढ़ी है और उपभोक्ताओं का भरोसा बीमा क्षेत्र में मजबूत हुआ है। इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी की चेयरपर्सन कमलेश राव ने कहा कि यह वृद्धि भारतीय परिवारों में वित्तीय सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रुप बिजनेस के साथ-साथ व्यक्तिगत सेगमेंट में विस्तार उत्साहजनक है, हालांकि देश में अब भी बीमा सुरक्षा की बड़ी कमी (प्रोटेक्शन गैप) बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 87 प्रतिशत आबादी अभी भी पर्याप्त जीवन बीमा सुरक्षा से वंचित है, जबकि 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक है। इस स्थिति को सुधारने के लिए व्यापक जागरूकता और समय रहते बीमा अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, बेहतर उत्पाद और वितरण नेटवर्क के विस्तार के चलते आने वाले समय में लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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