
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई महानगर क्षेत्र में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास के लिए उपलब्ध ‘हाउसिंग स्टॉक’ के प्रभावी उपयोग हेतु नई नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को वर्षा निवास में आयोजित बैठक में पीयूष गोयल भी उपस्थित रहे, जहां मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास मुद्दों पर चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा विभिन्न स्थानों पर विकास कार्य जारी हैं और भविष्य में भी कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण करने तथा भूमि से जुड़े मामलों का एकीकृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, न्यायालय में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर के शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, दिघी औद्योगिक क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को गति देने पर जोर दिया। इसके अलावा, मुंबई महानगरपालिका के शताब्दी और भगवती अस्पतालों में आधुनिक उपकरण, स्वच्छता और पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने मुंबई के गावठाणों के रेखांकन को तेजी से पूरा करने और वहां रहने वाले अंतिम नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही गोराई में दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना बनाने को कहा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बैठक में कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और उत्तर मुंबई के शिंपोनी केंद्र को जल्द शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कांदिवली में खेल सुविधाओं का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करने और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा विकसित ढांचे में स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने ‘ड्रग फ्री इंडिया’ अभियान के तहत 31 मार्च 2029 तक लक्ष्य हासिल करने में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी बल दिया। साथ ही मत्स्य संपदा योजना के तहत तटीय गांवों के विकास और मछली पकड़ने के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता बताई। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव मनिषा म्हैसकर, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, एमएमआरडीए, म्हाडा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि मुंबई की नगर आयुक्त अश्विनी भिडे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।




