
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पुणे जिले के नसरापूर में एक मासूम बच्ची के साथ हुई गंभीर अत्याचार की घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग की सदस्या शुभांगी तांबट ने रविवार को पीड़ित बच्ची के घर जाकर उसके परिवार से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। आयोग ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए तुरंत पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोग सक्रिय भूमिका निभा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश राज्य सरकार से की जाएगी। इस दौरान पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर हुए रास्ता रोको आंदोलन में भी आयोग की मौजूदगी रही, जिससे मामले को लेकर जनआक्रोश और संवेदनशीलता स्पष्ट होती है।
न्याय मिलने तक साथ खड़ा रहेगा आयोग
आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक वह उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। साथ ही, इस मामले में हर स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया है।




