
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। तहसील क्षेत्र के लाउ खेड़ा मजरे बंथर गांव में आयोजित किसान चौपाल के दौरान जल और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने फैक्ट्रियों से निकल रहे केमिकलयुक्त दूषित पानी और जहरीली हवा को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखीं। ग्रामीणों ने जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा को नाले में बह रहे रासायनिक पानी को दिखाते हुए बताया कि हाल ही में इसमें गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई, जिनके शरीर के अंग तक गल गए। गांववासियों का कहना है कि नाले से उठने वाली दुर्गंध और प्रदूषित हवा के कारण उनका जीवन दूभर हो गया है। रिंकू वर्मा, रामनरेश, हीरालाल, सुशील, मोतीलाल और पिंटू समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जल और स्वच्छ हवा पर सभी का समान अधिकार है, लेकिन फैक्ट्री प्रदूषण के कारण उनसे यह बुनियादी अधिकार भी छिनता जा रहा है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।इस पर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को नवागत जिलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या के समाधान तक जिला कांग्रेस कमेटी आंदोलन करेगी।




