Monday, April 20, 2026
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का निर्देश: एल नीनो के खतरे से निपटने के लिए जलसंरक्षण, चारा और कृषि प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान

मुंबई। संभावित एल नीनो की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सभी विभागों को सतर्क रहते हुए पूर्व तैयारी, प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय के माध्यम से इसके प्रभाव को कम करने के निर्देश दिए हैं। उनकी अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कृषि, जल संसाधन, राहत एवं पुनर्वास, वित्त तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त और सितंबर महीनों में एल नीनो का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है, जिससे मानसून के दौरान औसत से कम वर्षा हो सकती है। मई में गर्मी अपेक्षाकृत कम रहने के संकेत हैं, लेकिन लू की घटनाएं बढ़ सकती हैं। यदि सकारात्मक भारतीय महासागर द्विध्रुव (IOD) की स्थिति बनती है, तो एल नीनो के प्रभाव में कुछ कमी आ सकती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2015 के एल नीनो के अनुभव को ध्यान में रखते हुए राज्य इस बार बेहतर स्थिति में है, क्योंकि मानसून पूर्व ही पर्याप्त जल भंडारण उपलब्ध है। फिर भी उन्होंने जल का समुचित नियोजन, जलसंरक्षण कार्यों में तेजी और पुराने जलस्रोतों के पुनर्जीवन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘जलयुक्त शिवार’ और ‘गाळमुक्त धरण-गाळयुक्त शिवार’ योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और इसके लिए टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा के तहत जलसंरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने और पेयजल योजनाओं में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। संभावित कम वर्षा को देखते हुए प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स गठित कर जल के उचित उपयोग और भंडारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुधन के लिए चारा संकट से निपटने हेतु राज्य में ही चारा विकास कार्यक्रम लागू करने, बांधों के बैकवॉटर क्षेत्रों का उपयोग करने तथा सोलापुर, सांगली और मराठवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बताया कि खरीफ फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। डीएपी उर्वरक के व्यवस्थित वितरण और “एग्रीस्टैक” प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खेत तालाब योजना को प्रभावी रूप से लागू करने, बीज और चारा का पर्याप्त भंडार रखने तथा पुनर्बुवाई की स्थिति में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संभावित एल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं और किसानों तथा आम जनता को राहत देने के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।

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