
मुंबई। मंत्री नितेश राणे ने वसई (जिला पालघर) में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त जमीन जल्द तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए आवश्यक भूमि मांग का प्रस्ताव राजस्व विभाग को भेजने को कहा गया है। इस संबंध में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में विधायक स्नेहा दुबे, मत्स्यव्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, इसलिए परियोजना का शीघ्र क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना के प्रचार-प्रसार के लिए शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंच सके। बैठक में मुरुड-जंजीरा नगर परिषद क्षेत्र में कोली समाज की विभिन्न मांगों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान पर्यटन विभाग के सचिव संजय खंदारे भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान मछली सुखाने के लिए स्थान, जाल और नावों की मरम्मत केंद्र, कोली बस्तियों का विकास तथा पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रकल्पों पर विचार किया गया। इसके अलावा ‘बैक वॉटर’ परियोजना के माध्यम से आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए पर्यटन और मत्स्य व्यवसाय विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, रायगढ़ जिला प्रशासन को इस विषय में सभी संबंधित पक्षों की बैठक आयोजित करने के लिए कहा गया है। मंत्री राणे ने यह भी निर्देश दिया कि मछुआरा सहकारी संस्थाओं को मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना की विस्तृत जानकारी दी जाए और इसके लिए विशेष शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।




