
मुंबई। मुंबई में मानसून से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा हर साल नाले-नालियों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद बारिश के दौरान मुंबईकरों को जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ता है। वार्ड क्रमांक 94 में नाले-नालियों की सफाई का काम धीमी गति से चल रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि परिरक्षण विभाग के कनिष्ठ अभियंता द्वारा डी-सिल्टिंग कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही, सफाई कार्य में लगे मजदूरों की संख्या में भी भारी कमी बताई जा रही है, जिससे काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं, जो कामगार नाले-नालियों की सफाई में लगे हैं, उनके कार्य का उचित सुपरविजन भी नजर नहीं आ रहा है। इसके अलावा शिवालिक वेंचर्स के एसआरए प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाले नाले की सफाई अब तक शुरू नहीं हुई है, जिससे आसपास के इलाकों में जलजमाव की संभावना और बढ़ गई है। विशेष रूप से एसआरए इमारत क्रमांक 14 के पीछे स्थित नाले की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नाले की ओर न तो एसआरए विभाग ध्यान दे रहा है और न ही बीएमसी प्रशासन, जिससे मानसून के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या वार्ड क्रमांक 94 में चल रहे डी-सिल्टिंग कार्यों पर बीएमसी की सहायक आयुक्त मृदुला अंडे समय रहते संज्ञान लेंगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी, ताकि नागरिकों को बारिश के मौसम में राहत मिल सके।





