
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक निवेश को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समझौते के बाद संबंधित कंपनियों को तुरंत जमीन उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से मध्य पूर्व एशिया सहित दुनिया भर की कई बड़ी डेटा सेंटर कंपनियाँ महाराष्ट्र में निवेश के लिए रुचि दिखा रही हैं। यह निर्देश शनिवार को मुंबई स्थित सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दिए गए, जिसमें डेटा सेंटर क्षेत्र पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। बैठक में उदय सामंत वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी, ऊर्जा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव आभा शुक्ला, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी.अन्बलगन, सिडको के प्रबंध निदेशक विजय सिंघल और निवेश व नीति सलाहकार कौस्तुभ धवसे उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि डेटा सेंटर क्षेत्र में महाराष्ट्र को एक प्रमुख निवेश गंतव्य बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कंपनियों को बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए। बैठक में सिडको को डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए विशेष लैंड बैंक विकसित करने के निर्देश दिए गए, जबकि ऊर्जा विभाग को सब-स्टेशन के लिए तुरंत जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं और राज्य में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित कर राज्य को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख केंद्र बनाना है।




